कोटकपूराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
रिपजीत सिंह (INC) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 50.2% वोट पाकर कोटकपूरा सीट जीती और मंतर सिंह (SAD) को 10,810 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 103 का नाम कोटकपूरा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 103 बरनाला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रिपजीत सिंह UPA | UPA | 68,97050.2% |
| 2 | मंतर सिंह NDA | NDA | 58,16042.4% |
| 3 | कृष्ण सिंगला | 5,0583.7% | |
| 4 | इकबाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9121.4% |
| 5 | रणवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8630.6% |
| 6 | गुरसेवक सिंह LBP | LBP | 7320.5% |
| 7 | कुलदीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6120.5% |
| 8 | जोगिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4000.3% |
| 9 | दीदार सिंह NDA | NDA | 3400.3% |
| 10 | वरिन्द्र ABSR | ABSR | 2810.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SAD और BSP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कोटकपूरा से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यह सीट SAD से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1992 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 2002 के 71.1% से बढ़कर 82.7% हो गया।