विदिशाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
श्रीमती सुशीला देवी ठाकुर (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 52.2% वोट पाकर विदिशा सीट जीती और वसंत जैन (INC) को 8,051 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 248 बड़नगर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 248 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्रीमती सुशीला देवी ठाकुर NDA | NDA | 43,13052.2% |
| 2 | वसंत जैन | 35,07942.4% | |
| 3 | बाबूलाल | 2,1242.6% | |
| 4 | नाथन सिंह पवार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2181.5% |
| 5 | सीमा महेश्वरी SVSP | SVSP | 7030.8% |
| 6 | ठाकुर तुलसीराम LS | LS | 4080.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
विदिशा से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यहाँ लगातार पाँचवीं बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1980 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 52.2%। मतदान प्रतिशत 1993 के 57.4% से घटकर 53.5% रह गया।