गोविंदपुराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
बाबू लाल गौर (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 69.8% वोट पाकर गोविंदपुरा सीट जीती और आर.के. बिसरिया (INC) को 59,567 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 238 शुजालपुर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 238 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बाबू लाल गौर 46.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बाबू लाल गौर | 89,82069.8% | |
| 2 | आर.के. बिसरिया | 30,25323.5% | |
| 3 | दीनानाथ | 2,9542.3% | |
| 4 | आई.ए. खान वाम दल | वाम दल | 1,3931.1% |
| 5 | आर.सी. इब्राहिम जनता दल | जनता दल | 1,0850.8% |
| 6 | नारायण दास टोटलदास खेम चंदाणी निर्दलीय | निर्दलीय | 7690.6% |
| 7 | रमेश चिंतामण जाधव | 3580.3% | |
| 8 | नारीमल इसरानी निर्दलीय | निर्दलीय | 3270.3% |
| 9 | जय प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2700.2% |
| 10 | खान अयूब मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 2570.2% |
| 11 | प्रमिला KMGR | KMGR | 1910.1% |
| 12 | रामेश्वर प्रसाद | 1850.1% | |
| 13 | बालचंद समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 1840.1% |
| 14 | कालूराम छटनी निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.1% |
| 15 | अहमद खान रिवानी निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
| 16 | लखन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 17 | गोविन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 18 | आर.एस. ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
| 19 | गोविन्दराम पारवानी निर्दलीय | निर्दलीय | 560.0% |
| 20 | लक्ष्मी नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 530.0% |
| 21 | सुरेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 440.0% |
| 22 | कुंजी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 390.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोविंदपुरा से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1980 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 59.4% से बढ़कर 69.8% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 49.6% से बढ़कर 64.8% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।