बैतूलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
माधव गोपाल नसेरी (BJP) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 48.4% वोट पाकर बैतूल सीट जीती और मारोतीराव नारायणराव पांसे (INC(I)) को 2,040 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 231 बासौदा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 231 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | माधव गोपाल नसेरी | 11,85148.4% | |
| 2 | मारोतीराव नारायणराव पांसे | 9,81140.0% | |
| 3 | दिनेश वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 9724.0% |
| 4 | सरजू प्रसाद देशमुख वाम दल | वाम दल | 9123.7% |
| 5 | चन्द्रशेखर त्रिपाठी JNP(SC) | JNP(SC) | 4221.7% |
| 6 | चन्द्रशेखर भावसार निर्दलीय | निर्दलीय | 2661.1% |
| 7 | रघुवरदयाल पांडे वंदेमातरम JNP(JP) | JNP(JP) | 2601.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC(I) और एक निर्दलीय को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बैतूल से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 46.0% से घटकर 36.4% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।