बैतूलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
अशोक साबले (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 51.3% वोट पाकर बैतूल सीट जीती और पंजाब राव रामराव महस्की (BJP) को 2,811 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 231 बासौदा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 231 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अशोक साबले | 17,52951.3% | |
| 2 | पंजाब राव रामराव महस्की | 14,71843.1% | |
| 3 | नरेश चन्द्र पारीक निर्दलीय | निर्दलीय | 4081.2% |
| 4 | मधुकर निर्दलीय | निर्दलीय | 4081.2% |
| 5 | रघुवर दयाल पांडे वेंडे मताराम निर्दलीय | निर्दलीय | 3361.0% |
| 6 | नाथू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3361.0% |
| 7 | जलालुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 2510.7% |
| 8 | रेवाशंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बैतूल से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 36.4% से बढ़कर 44.5% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।