मद्रास 1962 का नक्शा लोड हो रहा है…

पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 139 सीटें (67.5%)DMK: 50 सीटें (24.3%)SWA: 6 सीटें (2.9%)IND: 5 सीटें (2.4%)FB: 3 सीटें (1.5%)CPI: 2 सीटें (1.0%)SOC: 1 सीट (0.5%)बहुमत के लिए 104206सरकार बनाने के लिए 104
  • INC13967.5%
  • DMK5024.3%
  • SWA62.9%
  • निर्दलीय52.4%
  • FB31.5%
  • CPI21.0%
  • SOC10.5%
चुनाव की कहानी

नया प्रतिद्वंद्वी उभरा, पर कांग्रेस फिर जीती

क्या हुआ

मद्रास राज्य के तीसरे चुनाव में कांग्रेस फिर जीती, जबकि एक नए प्रतिद्वंद्वी ने पहली बार अपनी जगह बनाई।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 206 सीटों में से 139 सीटें जीतीं।

इसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम रही, 50 सीटों के साथ, यानी काफ़ी पीछे दूसरे नंबर पर, पर पहली बार में दमदार शुरुआत।

लगभग 46.1% वोट कांग्रेस को मिले।

क्या बदला

इस चुनाव में एक नई क्षेत्रीय पार्टी पहली बार सीटों की गंभीर दावेदार बनकर उभरी।

द्रमुक, स्वतंत्र पार्टी और फॉरवर्ड ब्लॉक, सभी ने राज्य में पहली बार सीटें जीतीं।

इससे राज्य में कांग्रेस की जीत का सिलसिला लगातार 3 चुनावों तक पहुँच गया।

भी उछलकर 70.7% पर पहुँच गया, जो तब तक राज्य में दर्ज सबसे ऊँचा स्तर था।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

उस साल सबसे ज़्यादा मतदाता त्यागरायनगर, मद्रास में थे, 1,28,854 पंजीकृत मतदाता, और सबसे भीड़ भरा मुक़ाबला भी यहीं हुआ, कुल 8 उम्मीदवार।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला रासीपुरम, मद्रास में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 70 वोट रहा।

सबसे बड़ी जीत कन्याकुमारी, मद्रास में हुई, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 63.5% आगे रहा।

पृष्ठभूमि

इस परिणाम के बाद भी राज्य में कांग्रेस की सरकार जारी रही।

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RBI 2024-25

सभी 206 सीटें