त्यागरायनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
कांची मणिमोऴियार (DMK) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 41.0% वोट पाकर त्यागरायनगर सीट जीती और गुंटूर नरसिम्हा राव (INC) को 8,568 वोटों से हराया। ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 10 मदुरांतकम थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 10 मायलापुर है।
विजेता
9.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कांची मणिमोऴियार | 35,40239.5% | |
| 2 | गुंटूर नरसिम्हा राव | 26,83429.9% | |
| 3 | सी. दामोदरम | 9,19610.3% | |
| 4 | कृष्णमूर्ति निर्दलीय | निर्दलीय | 8,0028.9% |
| 5 | के. मुरुगेसन TNP | TNP | 4,6535.2% |
| 6 | एम. के. श्रीनिवासन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4241.6% |
| 7 | ए. एस. जेसुबाथम निर्दलीय | निर्दलीय | 5660.6% |
| 8 | एम. जी. नायुडु निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।