त्रिवेंद्रम पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
वी. सुरेंद्रन पिल्लई (KEC) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 48.8% वोट पाकर त्रिवेंद्रम पश्चिम सीट जीती और शोभना जोर्ज (DIC) को 13,233 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1970 में कोई सीट नंबर 135 नहीं थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 135 नेमम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — वी. सुरेंद्रन पिल्लई 18.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वी. सुरेंद्रन पिल्लई लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | 35,07748.8% |
| 2 | शोभना जोर्ज DIC | DIC | 21,84430.4% |
| 3 | टी. शरत चंद्रप्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 10,05914.0% |
| 4 | एस. देवन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2193.1% |
| 5 | पी. एस. गोपकुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5770.8% |
| 6 | सेबॅस्टियन जी. टी. | 5670.8% | |
| 7 | फिलिप जोसेफ निर्दलीय | निर्दलीय | 4320.6% |
| 8 | वी. एस. गिरीशकुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3930.6% |
| 9 | एम. डी. विलियम्स | 3270.5% | |
| 10 | वी. हरिकुमार् निर्दलीय | निर्दलीय | 3190.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
KEC, DIC और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
त्रिवेंद्रम पश्चिम से कौन जीता, 1977–2006
KEC ने यह सीट CMPKSC से छीन ली, जिसने इसे 2001 में जीता था; KEC ने यहाँ पिछली बार 1996 में जीत दर्ज की थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2001 के 54.9% से घटकर 51.4% रह गया।
- 1977के. पंकजाक्षन (RSP), जीत का अंतर 18.5%
- 1980पी. ए. मोहम्मद कन्नू (MUL), जीत का अंतर 8.2%
- 1982पी. ए. मोहम्मद कन्नू (MUL), जीत का अंतर 8.9%
- 1987एम. एम. हसन (INC), जीत का अंतर 6.4%
- 1991एम.एम. हसन (INC), जीत का अंतर 9.7%
- 1996आन्टणि राजू (KEC), जीत का अंतर 8.3%
- 2001एम. वी. राघवन (CMPKSC), जीत का अंतर 8.9%
- 2006वी. सुरेंद्रन पिल्लई (KEC), जीत का अंतर 18.4%