त्रिवेंद्रम पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
एम. एम. हसन (INC) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 40.8% वोट पाकर त्रिवेंद्रम पश्चिम सीट जीती और टी. जे. चन्द्र चूडन (RSP) को 5,636 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1970 में कोई सीट नंबर 135 नहीं थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 135 नेमम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. एम. हसन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | 35,73240.8% |
| 2 | टी. जे. चन्द्र चूडन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | 30,09634.4% |
| 3 | केरल वर्मा राजा निर्दलीय | निर्दलीय | 18,54421.2% |
| 4 | ए. जेम्स निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3322.7% |
| 5 | पून्थुरा चार्ल्स निर्दलीय | निर्दलीय | 3180.4% |
| 6 | मोहना चन्द्रन निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.2% |
| 7 | पसन्ना कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.2% |
| 8 | सुशीला राजन निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.2% |
| 9 | वी. के. राजगोपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
त्रिवेंद्रम पश्चिम से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यह सीट MUL से छीन ली, जिसने इसे 1982 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1982 के 57.9% से बढ़कर 69.9% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977के. पंकजाक्षन (RSP), जीत का अंतर 18.5%
- 1980पी. ए. मोहम्मद कन्नू (MUL), जीत का अंतर 8.2%
- 1982पी. ए. मोहम्मद कन्नू (MUL), जीत का अंतर 8.9%
- 1987एम. एम. हसन (INC), जीत का अंतर 6.4%
- 1991एम.एम. हसन (INC), जीत का अंतर 9.7%
- 1996आन्टणि राजू (KEC), जीत का अंतर 8.3%
- 2001एम. वी. राघवन (CMPKSC), जीत का अंतर 8.9%
- 2006वी. सुरेंद्रन पिल्लई (KEC), जीत का अंतर 18.4%