त्रिवेंद्रम पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
एम.एम. हसन (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 49.7% वोट पाकर त्रिवेंद्रम पश्चिम सीट जीती और आन्टणि राजू (KEC) को 8,499 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1970 में कोई सीट नंबर 135 नहीं थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 135 नेमम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम.एम. हसन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | 43,62049.7% |
| 2 | आन्टणि राजू | 35,12140.0% | |
| 3 | वी.एन. गोपालकृष्णन नायर | 7,8598.9% | |
| 4 | टी.जे. कुन्ज कुन्ज निर्दलीय | निर्दलीय | 4060.5% |
| 5 | केनेडी निर्दलीय | निर्दलीय | 2900.3% |
| 6 | संतम्मा थंकप्पन निर्दलीय | निर्दलीय | 2200.3% |
| 7 | वेली बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.2% |
| 8 | सुरेशकुमार भास्कर पिल्लई निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 9 | बीजू जॉनसन निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, KEC और BJP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
त्रिवेंद्रम पश्चिम से कौन जीता, 1977–2006
INC ने 1987 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 40.8% से बढ़कर 49.7% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1987 के 69.9% से घटकर 61.3% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट KEC ने जीती।
- 1977के. पंकजाक्षन (RSP), जीत का अंतर 18.5%
- 1980पी. ए. मोहम्मद कन्नू (MUL), जीत का अंतर 8.2%
- 1982पी. ए. मोहम्मद कन्नू (MUL), जीत का अंतर 8.9%
- 1987एम. एम. हसन (INC), जीत का अंतर 6.4%
- 1991एम.एम. हसन (INC), जीत का अंतर 9.7%
- 1996आन्टणि राजू (KEC), जीत का अंतर 8.3%
- 2001एम. वी. राघवन (CMPKSC), जीत का अंतर 8.9%
- 2006वी. सुरेंद्रन पिल्लई (KEC), जीत का अंतर 18.4%