झारखंड 2005 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
BJP: 30 सीटें (37.0%)JMM: 17 सीटें (21.0%)INC: 9 सीटें (11.1%)RJD: 7 सीटें (8.6%)JD(U): 6 सीटें (7.4%)IND: 3 सीटें (3.7%)AIFB: 2 सीटें (2.5%)AJSUP: 2 सीटें (2.5%)अन्य (4 पार्टियाँ): 5 सीटें — UGDP 2, CPI(ML)(L) 1, JKP 1, NCP 1बहुमत के लिए 4181सरकार बनाने के लिए 41
चुनाव की कहानी

झारखंड का पहला चुनाव त्रिशंकु विधान सभा पर ख़त्म

क्या हुआ

झारखंड के पहले विधान सभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने सबसे ज़्यादा सीटें जीतीं, लेकिन बहुमत लायक़ नहीं — यानी विधान सभा बनी।

उसने 81 में से 30 सीटें जीतीं, जो बहुमत के लिए ज़रूरी 41 से कम थीं।

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा 17 सीटों के साथ उसके बाद रही, और 12 दलों ने कम से कम एक-एक सीट जीती।

57.0% रहा।

क्या बदला

इसके बाद बनी सरकार अस्थिर रही: मार्च 2005 से जनवरी 2009 के बीच मुख्यमंत्री चार बार बदले, फिर एक साल राष्ट्रपति शासन रहा।1

वह सरकार एक बड़े पर टिकी थी — यानी दलों का ऐसा समूह जो मिलकर चुनाव लड़ता है और मिलकर पर्याप्त सीटें जीतने पर बाद में सत्ता बाँटता है।

भाजपा के अपने गठबंधन के पास कुल 36 सीटें थीं, यानी सदन का 44.4% — फिर भी अपने दम पर बहुमत से कम।

स्रोत
  1. 1 wikipedia.org

अहम आँकड़े

सबसे क़रीबी मुक़ाबला हुसैनाबाद, झारखंड में हुआ, जिसका फ़ैसला 35 वोटों से हुआ।

सबसे एकतरफ़ा परिणाम खरसांवा, झारखंड में आया, जहाँ 50.6% वोट रहा।

किसी भी सीट पर सबसे कम मतदान प्रतिशत लातेहार, झारखंड में दर्ज हुआ, 39.1%।

सबसे ज़्यादा उम्मीदवार बोकारो, झारखंड में थे: एक ही सीट पर 53 उम्मीदवार।

पृष्ठभूमि

झारखंड ख़ुद मुश्किल से पाँच साल पुराना था: बिहार पुनर्गठन अधिनियम के तहत 15 नवंबर 2000 को दक्षिणी बिहार को अलग करके यह राज्य बना था, और यह इसका पहला पूर्ण विधान सभा चुनाव था।2

स्रोत
  1. 2 wikipedia.org

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RBI 2024-25

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