रोहतकविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1985
के. दास (INC) ने 1985 के विधान सभा उपचुनाव में 52.1% वोट पाकर रोहतक सीट जीती और एम. सैन (BJP) को 4,806 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 30 सफीदों थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 30 खरखौदा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. दास | 36,68852.1% | |
| 2 | एम. सैन | 31,88245.3% | |
| 3 | डी. राज निर्दलीय | निर्दलीय | 5200.7% |
| 4 | ओ. प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 4320.6% |
| 5 | पी. कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3340.5% |
| 6 | आर. दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.2% |
| 7 | डी. कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.2% |
| 8 | आर. कंवर निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.2% |
| 9 | आई. मल्होत्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
| 10 | एस. कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।