प्रियोलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
धवलीकर पांडुरंग उर्फ़ दीपक (MAG) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 51.0% वोट पाकर प्रियोल सीट जीती और सातारकर विश्वास (BJP) को 4,325 वोटों से हराया।
1989 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में सीट नंबर 21 कुंकल्ली थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 21 फोंडा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — धवलीकर पांडुरंग उर्फ़ दीपक 20.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | धवलीकर पांडुरंग उर्फ़ दीपक | 10,59151.0% | |
| 2 | सातारकर विश्वास NDA | NDA | 6,26630.2% |
| 3 | जल्मी काशिनाथ UPA | UPA | 3,09914.9% |
| 4 | गावडे शाम | 3241.6% | |
| 5 | नाईक रोहीदास निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.9% |
| 6 | नाईक उदय | 1690.8% | |
| 7 | प्रमोद नाईक | 1080.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
MAG, BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.67 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
प्रियोल से कौन जीता, 1989–2007
MAG ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था; MAG ने यहाँ पिछली बार 1994 में जीत दर्ज की थी। यह 1989 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2002 के 75.2% से बढ़कर 77.9% हो गया।