प्रियोलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
सातारकर विश्वास रामनाथ (BJP) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 41.6% वोट पाकर प्रियोल सीट जीती और आमोणकर श्रीकांत सगुण (INC) को 1,662 वोटों से हराया।
1989 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में सीट नंबर 21 कुंकल्ली थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 21 फोंडा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सातारकर विश्वास रामनाथ NDA | NDA | 8,07141.6% |
| 2 | आमोणकर श्रीकांत सगुण | 6,40933.0% | |
| 3 | जल्मी डॉ. काशिनाथ गोविन्द | 4,52423.3% | |
| 4 | केरकर गोरख सुरेश | 3882.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और MAG को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.96 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
प्रियोल से कौन जीता, 1989–2007
BJP ने 1999 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 37.3% से बढ़कर 41.6% हो गया। मतदान प्रतिशत 1999 के 73.0% से बढ़कर 75.2% हो गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट MAG ने जीती।