प्रियोलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
जल्मी काशिनाथ गोविन्द (MAG) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 72.5% वोट पाकर प्रियोल सीट जीती और सत्कार बाबल बाबुसो (INC) को 7,753 वोटों से हराया।
1989 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में सीट नंबर 21 कुंकल्ली थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 21 फोंडा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जल्मी काशिनाथ गोविन्द 47.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जल्मी काशिनाथ गोविन्द | 11,76672.5% | |
| 2 | सत्कार बाबल बाबुसो | 4,01324.8% | |
| 3 | चारी रमेश गोविन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1711.1% |
| 4 | नाईक गांवकर प्रभाकर पांडुरंग निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.8% |
| 5 | अशोक पुतु नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.7% |
| 6 | विलिंगकर संतोष वसंतराव निर्दलीय | निर्दलीय | 210.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
MAG और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.70 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
प्रियोल से कौन जीता, 1989–2007
इसके बाद 1994 के चुनाव में भी MAG ने यह सीट अपने पास रखी।