सालगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
डी. सूज़ा विल्फ्रेड अँन्थोनी (INC) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 45.5% वोट पाकर सालगांव सीट जीती और कलंगुटकर दिलीप सोनू (SHS) को 1,295 वोटों से हराया।
1989 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में सीट नंबर 8 पाले थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 8 कलंगुट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डी. सूज़ा विल्फ्रेड अँन्थोनी | 6,47945.5% | |
| 2 | कलंगुटकर दिलीप सोनू | 5,18436.4% | |
| 3 | मलिक श्रीकांत केशव निर्दलीय | निर्दलीय | 2,36916.6% |
| 4 | रोड्रिग्स अवेलिनो ट्रेसिकास निर्दलीय | निर्दलीय | 960.7% |
| 5 | फर्नांडिस डियोगो मिंगेल निर्दलीय | निर्दलीय | 790.6% |
| 6 | संतोष वसंत मोरजकर | 310.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SHS और एक निर्दलीय को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.72 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सालगांव से कौन जीता, 1989–2007
INC ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.0% से घटकर 45.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1989 के 75.9% से घटकर 75.4% रह गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट GRCP ने जीती।