सालगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
दे सूज़ा विल्फ्रेड टीटो फ़र्मिनो (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 51.0% वोट पाकर सालगांव सीट जीती और अहरेंकर पुनाजी पांडुरंग (MAG) को 427 वोटों से हराया।
1989 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में सीट नंबर 8 पाले थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 8 कलंगुट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। दे सूज़ा विल्फ्रेड टीटो फ़र्मिनो 3.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दे सूज़ा विल्फ्रेड टीटो फ़र्मिनो | 6,22951.0% | |
| 2 | अहरेंकर पुनाजी पांडुरंग | 5,80247.5% | |
| 3 | यवेस ज़ुज़ार्ते GLP | GLP | 1691.4% |
| 4 | नाईक नागेश रघुवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 180.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और MAG को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सालगांव से कौन जीता, 1989–2007
इसके बाद 1994 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।