खिजरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
सावना लकड़ा (INC) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 46.1% वोट पाकर खिजरी सीट जीती और कर्मा उराँव (BJP) को 11,377 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 305 चैनपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 305 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सावना लकड़ा | 49,53946.1% | |
| 2 | कर्मा उराँव NDA | NDA | 38,16235.5% |
| 3 | सुंदरी देवी | 8,5167.9% | |
| 4 | सुनील फकीरा कच्छप | 4,5834.3% | |
| 5 | राजेन्द्र प्रसाद शाही मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6901.6% |
| 6 | बिरसा हेम्ब्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5001.4% |
| 7 | बिष्णु मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1901.1% |
| 8 | सलेश्वर फन | 9860.9% | |
| 9 | करमू मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 8060.8% |
| 10 | झिवरा उराँव JKPP | JKPP | 5380.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और RJD को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खिजरी से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1995 के 62.3% से घटकर 56.6% रह गया।