खिजरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
गोमेश्री मांकी (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 39.7% वोट पाकर खिजरी सीट जीती और रती उराँव (BJP) को 5,742 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 305 चैनपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 305 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोमेश्री मांकी | 15,68839.7% | |
| 2 | रती उराँव | 9,94625.2% | |
| 3 | मतियाश डेमटा जनता | जनता | 4,17510.6% |
| 4 | महिंदर कच्छप निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5846.5% |
| 5 | घनश्याम मुण्डा वाम दल | वाम दल | 2,4656.2% |
| 6 | शनिचरवा उराँव Lok Dal | Lok Dal | 1,5754.0% |
| 7 | फ्रांसिस श्रवण | 6631.7% | |
| 8 | सुकरा कुजूर निर्दलीय | निर्दलीय | 5351.4% |
| 9 | आर. एल. होरो ICS | ICS | 4281.1% |
| 10 | शोमनाथ कुमार उराँव निर्दलीय | निर्दलीय | 3520.9% |
| 11 | अनुज कुमार धान निर्दलीय | निर्दलीय | 3320.8% |
| 12 | फुलमणी देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2710.7% |
| 13 | श्री कच्छप निर्दलीय | निर्दलीय | 2470.6% |
| 14 | आशापति टोप्पो निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.5% |
| 15 | संचारवा लकड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 680.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खिजरी से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 36.8% से घटकर 30.0% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।