खिजरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
दुति पाहन (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 33.2% वोट पाकर खिजरी सीट जीती और कालीपद सोरेन (JD) को 14,865 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 305 चैनपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 305 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — दुति पाहन 17.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दुति पाहन | 28,23833.2% | |
| 2 | कालीपद सोरेन राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 13,37315.7% |
| 3 | अनुज कुमार धान | 13,14315.5% | |
| 4 | महेन्द्र कच्छप | 11,53013.6% | |
| 5 | सावना लकड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 10,49612.3% |
| 6 | मदन लाल पाहन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4402.9% |
| 7 | जौगनू पाहन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8692.2% |
| 8 | एतुआ बेदिया निर्दलीय | निर्दलीय | 8141.0% |
| 9 | शनिचरवा लकड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 4230.5% |
| 10 | अरुण कुमार केरकेट्टा वाम दल | वाम दल | 3950.5% |
| 11 | बल्लू पाहन निर्दलीय | निर्दलीय | 3630.4% |
| 12 | डेविड बोदरा JKD | JKD | 3400.4% |
| 13 | भुवनेश्वर लोहारा निर्दलीय | निर्दलीय | 2600.3% |
| 14 | हरबू उराँव JNP(JP) | JNP(JP) | 1990.2% |
| 15 | बृज मोहन मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.2% |
| 16 | कांडरा मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.2% |
| 17 | निरंजन खलखो निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.1% |
| 18 | देवेन्द्र सिंह मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 19 | क्रिस्टोफर मिंज निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 20 | सुबोध निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 21 | रफायल हंस निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
| 22 | सुखारी उराँव निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 23 | लालू उराँव निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 24 | अनिल रेभान निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 25 | सुशाजा लकड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 290.0% |
| 26 | फ्रांसिस श्रवण निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
| 27 | सुशील कुमार कच्छप निर्दलीय | निर्दलीय | 210.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 64% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खिजरी से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 30.0% से बढ़कर 52.1% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।