खरसावांविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
अर्जुन मुण्डा (BJP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 50.8% वोट पाकर खरसावां सीट जीती और विजय सिंह सोय (INC) को 13,674 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 300 खिजरी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 300 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अर्जुन मुण्डा 15.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अर्जुन मुण्डा NDA | NDA | 44,52150.8% |
| 2 | विजय सिंह सोय | 30,84735.2% | |
| 3 | लाल सिंह लेयांगी | 6,7717.7% | |
| 4 | अशोक कुमार तियु UGDP | UGDP | 2,4902.8% |
| 5 | बुधन सिंह हेम्ब्रम | 1,2071.4% | |
| 6 | लखी राम माझी | 5490.6% | |
| 7 | जग मोहन सोय निर्दलीय | निर्दलीय | 5040.6% |
| 8 | संजय निर्दलीय | निर्दलीय | 4020.5% |
| 9 | बाबू लाल जारिका निर्दलीय | निर्दलीय | 3880.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और JMM को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खरसावां से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यह सीट JMM से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1980 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1995 के 58.5% से बढ़कर 61.2% हो गया।