खरसावांविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
देबी लाल मती सोय (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 55.6% वोट पाकर खरसावां सीट जीती और मनोरंजन बोदरा (JKP) को 9,339 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 300 खिजरी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 300 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — देबी लाल मती सोय 40.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देबी लाल मती सोय जनता | जनता | 12,95655.6% |
| 2 | मनोरंजन बोदरा JKP | JKP | 3,61715.5% |
| 3 | विष्णु सिंह मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9738.5% |
| 4 | दुर्गा प्रसाद जामुदा | 1,6277.0% | |
| 5 | गुबलाब सिंह मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1474.9% |
| 6 | पातर हो निर्दलीय | निर्दलीय | 6382.7% |
| 7 | आनन्द सिंह सोय JKD | JKD | 4501.9% |
| 8 | मेवा लाल होनहागा निर्दलीय | निर्दलीय | 3401.5% |
| 9 | चन्द्र मोहन टुडू निर्दलीय | निर्दलीय | 2501.1% |
| 10 | सिंगराय होनहागा निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.9% |
| 11 | फेलिक्स हेमन हेब्रू रिचर्ड निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP, JKP और एक निर्दलीय को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.87 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खरसावां से कौन जीता, 1977–2000
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।