खरसावांविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
बिजय सिंह सोय (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 34.6% वोट पाकर खरसावां सीट जीती और लखी राम माझी (JD) को 9,032 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 300 खिजरी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 300 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिजय सिंह सोय | 21,76734.6% | |
| 2 | लखी राम माझी राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 12,73520.2% |
| 3 | बिमल कुमार हैबुरा | 7,27311.6% | |
| 4 | देबीलाल मतिसोय | 6,37910.1% | |
| 5 | अश्मन सुन्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 5,0638.0% |
| 6 | परमेश्वर नाग निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0664.9% |
| 7 | किस्तोरार केलेमेंट JKD | JKD | 1,9933.2% |
| 8 | सुखदेव बानरा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7942.9% |
| 9 | राज किशोर लोहार निर्दलीय | निर्दलीय | 5880.9% |
| 10 | साथो देवगम निर्दलीय | निर्दलीय | 4140.7% |
| 11 | घाशी राम उराँव निर्दलीय | निर्दलीय | 3870.6% |
| 12 | जोगेन सोय निर्दलीय | निर्दलीय | 2470.4% |
| 13 | चन्द्र मोहन सोय निर्दलीय | निर्दलीय | 2450.4% |
| 14 | मजुरा सोय | 2080.3% | |
| 15 | लाल सिंह बोयपाई निर्दलीय | निर्दलीय | 2080.3% |
| 16 | सनातन सोय निर्दलीय | निर्दलीय | 2010.3% |
| 17 | अमर सिंह जामुदा निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.2% |
| 18 | सोना राम नाग निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
| 19 | मंगल उराँव निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 20 | अरविन्द सिंह मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 66% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खरसावां से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 36.4% से बढ़कर 50.1% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट JMM ने जीती।