पटना मध्यविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
सुशील कुमार मोदी (BJP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 61.5% वोट पाकर पटना मध्य सीट जीती और कंचनवाला (RJD) को 66,069 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 207 दानापुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 207 काराकाट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुशील कुमार मोदी 47.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुशील कुमार मोदी NDA | NDA | 85,83261.5% |
| 2 | कंचनवाला | 19,76314.2% | |
| 3 | अकिल हैदर | 13,2729.5% | |
| 4 | महमूद आलम | 7,4715.3% | |
| 5 | राजीव रंजन प्रसाद | 4,6573.3% | |
| 6 | नगीना प्रसाद यादव | 2,7231.9% | |
| 7 | कलीम इनाम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5441.8% |
| 8 | अतीश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 8350.6% |
| 9 | रामानंद राय निर्दलीय | निर्दलीय | 6230.5% |
| 10 | नईम अख्तर | 4580.3% | |
| 11 | सुमन कु. मल्लिक AJBP | AJBP | 3930.3% |
| 12 | वरुण कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3150.2% |
| 13 | हसन मन्जूर हाशमी | 2170.2% | |
| 14 | मुकुल कु. शरण | 2160.1% | |
| 15 | लाल बहादुर सिंह AD | AD | 1230.1% |
| 16 | पन्ना लाल गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 610.0% |
| 17 | राजेश शंकर सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 490.0% |
| 18 | अभय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 460.0% |
| 19 | मो. रशीद निर्दलीय | निर्दलीय | 350.0% |
| 20 | रविन्द्र कुमार सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 210.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, RJD और NCP को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पटना मध्य से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1990 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.5% से बढ़कर 61.5% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1995 के 44.0% से बढ़कर 46.9% हो गया।