नालाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
विशेश्वर खान (CPI) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 23.3% वोट पाकर नाला सीट जीती और रबीन्द्र नाथ महतो (JMM) को 634 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 154 पोड़ैयाहाट थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 154 अमरपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नाला का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 634 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विशेश्वर खान | 20,32423.3% | |
| 2 | रबीन्द्र नाथ महतो | 19,69022.6% | |
| 3 | राज कुमारी हिम्मत सिंहको | 17,75220.4% | |
| 4 | सत्य नन्द झा NDA | NDA | 16,34918.7% |
| 5 | शिबदास सोरेन CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 4,3725.0% |
| 6 | दिगम्बर प्रसाद साहा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5644.1% |
| 7 | बामा यादव NDA | NDA | 2,3022.6% |
| 8 | सतीश चन्द्र राव | 1,0831.2% | |
| 9 | बसंत कुमार मिश्रा BHJC | BHJC | 9021.0% |
| 10 | बासुदेव बेसरा निर्दलीय | निर्दलीय | 8921.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 66% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.35 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नाला से कौन जीता, 1977–2000
CPI ने 1995 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 36.4% से घटकर 23.3% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 66.4% से घटकर 53.5% रह गया।