पोड़ैयाहाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
पृथ्वी चन्द किस्कू (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 41.9% वोट पाकर पोड़ैयाहाट सीट जीती और एडवर्ड मरांडी (PHJ) को 7,213 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 154 बोड्डा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 154 नाला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — पृथ्वी चन्द किस्कू 20.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पृथ्वी चन्द किस्कू कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 14,86341.9% |
| 2 | एडवर्ड मरांडी PHJ | PHJ | 7,65021.6% |
| 3 | चुनका हेमरम महागठबंधन | महागठबंधन | 6,03917.0% |
| 4 | मार्क किस्कू निर्दलीय | निर्दलीय | 5,90916.6% |
| 5 | प्रस्ना कुमार सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 4431.3% |
| 6 | सूर्यन मरांडी निर्दलीय | निर्दलीय | 3180.9% |
| 7 | लाल मुर्मू JKP | JKP | 2630.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पोड़ैयाहाट से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट PHJ से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 33.7% से बढ़कर 36.3% हो गया।