फारबिसगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
जाकिर हुसैन खान (BSP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 25.1% वोट पाकर फारबिसगंज सीट जीती और लक्ष्मी नारायण मेहता (निर्दलीय) को 6,548 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 129 किशनगंज थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 129 महनार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जाकिर हुसैन खान | 31,98225.1% | |
| 2 | लक्ष्मी नारायण मेहता निर्दलीय | निर्दलीय | 25,43420.0% |
| 3 | मायानंद ठाकुर NDA | NDA | 17,67313.9% |
| 4 | शम्भू नाथ मिश्रा | 14,04811.0% | |
| 5 | देवंती देवी BPSP | BPSP | 12,75010.0% |
| 6 | आहाद हुसैन | 7,9256.2% | |
| 7 | दिव्या प्रकाश मंडल | 6,3885.0% | |
| 8 | क़मरुदज़मा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5392.8% |
| 9 | फुलेंद्र सिंह | 2,3641.9% | |
| 10 | राय बहादुर केशरी AJBP | AJBP | 2,2301.8% |
| 11 | मनोज सदा | 1,6191.3% | |
| 12 | राज़ी उल्लाह BJC(R) | BJC(R) | 7320.6% |
| 13 | मनोज जायसवाल | 5630.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 59% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फारबिसगंज से कौन जीता, 1977–2005
BSP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BSP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1995 के 65.1% से बढ़कर 66.9% हो गया। इसके बाद 2005 (फ़रवरी) के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1977सरयू मिश्रा (INC), जीत का अंतर 8.8%
- 1980सरयू मिश्रा (INC(I)), जीत का अंतर 10.9%
- 1985सरयू मिश्रा (INC), जीत का अंतर 17.7%
- 1990मायानंद ठाकुर (BJP), जीत का अंतर 2.0%
- 1995मायानंद ठाकुर (BJP), जीत का अंतर 3.9%
- 2000जाकिर हुसैन खान (BSP), जीत का अंतर 5.2%
- 2005 (फ़रवरी)लक्ष्मी नारायण मेहता (BJP), जीत का अंतर 5.5%
- 2005 (अक्टूबर)लक्ष्मी नारायण मेहता (BJP), जीत का अंतर 4.7%