फारबिसगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
मायानंद ठाकुर (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 16.6% वोट पाकर फारबिसगंज सीट जीती और शीतल प्रसाद गुप्ता (INC) को 1,941 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 129 किशनगंज थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 129 महनार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मायानंद ठाकुर 2.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
28 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मायानंद ठाकुर | 15,77716.6% | |
| 2 | शीतल प्रसाद गुप्ता | 13,83614.5% | |
| 3 | रेवती रमन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9,4819.9% |
| 4 | शम्भू नाथ मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 9,3139.8% |
| 5 | ताहिर अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 9,1099.6% |
| 6 | लछमी मेहता निर्दलीय | निर्दलीय | 6,6467.0% |
| 7 | अमर नाथ विश्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 5,7826.1% |
| 8 | महेंदर झा IP | IP | 5,3725.6% |
| 9 | बिराज मोहन यादव वाम दल | वाम दल | 4,4244.6% |
| 10 | मोजीबुर रहमान DMM | DMM | 3,3633.5% |
| 11 | शिब शंकर ठाकुर राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 2,2092.3% |
| 12 | महेश्वर प्रसाद मंडल LKD(B) | LKD(B) | 1,9952.1% |
| 13 | शशिनाथ यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8591.9% |
| 14 | कुबेरमल बोथरा IPF | IPF | 1,0711.1% |
| 15 | मनोज सदा (ऋषिदेब) निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0361.1% |
| 16 | जमीरुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 7150.8% |
| 17 | सदानंद साह निर्दलीय | निर्दलीय | 5350.6% |
| 18 | दशरथ प्रसाद चौधरी SOP(L) | SOP(L) | 4520.5% |
| 19 | राम कुमार भगत JNP(JP) | JNP(JP) | 3920.4% |
| 20 | बिपिन यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3130.3% |
| 21 | अशोक कु साह निर्दलीय | निर्दलीय | 3090.3% |
| 22 | क्षितीज कु जय निर्दलीय | निर्दलीय | 2980.3% |
| 23 | गौस मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 2640.3% |
| 24 | मझादल हक निर्दलीय | निर्दलीय | 2550.3% |
| 25 | मो. तासीर उर्फ़ मो. ताहिर BKUS | BKUS | 2350.3% |
| 26 | महेंदर मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.2% |
| 27 | अजीज निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 28 | हिरानन्द राय निर्दलीय | निर्दलीय | 370.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 41% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 10.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फारबिसगंज से कौन जीता, 1977–2005
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 55.3% से बढ़कर 57.2% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977सरयू मिश्रा (INC), जीत का अंतर 8.8%
- 1980सरयू मिश्रा (INC(I)), जीत का अंतर 10.9%
- 1985सरयू मिश्रा (INC), जीत का अंतर 17.7%
- 1990मायानंद ठाकुर (BJP), जीत का अंतर 2.0%
- 1995मायानंद ठाकुर (BJP), जीत का अंतर 3.9%
- 2000जाकिर हुसैन खान (BSP), जीत का अंतर 5.2%
- 2005 (फ़रवरी)लक्ष्मी नारायण मेहता (BJP), जीत का अंतर 5.5%
- 2005 (अक्टूबर)लक्ष्मी नारायण मेहता (BJP), जीत का अंतर 4.7%