पांकीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
संकटेश्वर सिंह (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 52.1% वोट पाकर पांकी सीट जीती और लल्लू सिंह (CPI) को 20,766 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 318 हुसैनाबाद थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 318 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — संकटेश्वर सिंह 40.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | संकटेश्वर सिंह | 26,78352.1% | |
| 2 | लल्लू सिंह वाम दल | वाम दल | 6,01711.7% |
| 3 | इंद्रजीत सिंह वाम दल | वाम दल | 4,6049.0% |
| 4 | वीरेन्द्र अरुण | 4,0267.8% | |
| 5 | मधु सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8475.5% |
| 6 | भगवती सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4474.8% |
| 7 | मोहन सिंह जनता | जनता | 1,2692.5% |
| 8 | बबन नारायण चौबे लोक दल | लोक दल | 7471.4% |
| 9 | कमल किशोर पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 7001.4% |
| 10 | चतुर्गुण राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6301.2% |
| 11 | देव राम महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 5521.1% |
| 12 | जगदीश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4710.9% |
| 13 | पन्त कुमार गिरी ICJ | ICJ | 3130.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पांकी से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 42.6% से बढ़कर 45.5% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।