पांकीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
मधु सिंह (निर्दलीय) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 22.3% वोट पाकर पांकी सीट जीती और अवधेश कुमार सिंह (JD) को 1,005 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 318 हुसैनाबाद थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 318 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पांकी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,005 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मधु सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 14,53522.3% |
| 2 | अवधेश कुमार सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 13,53020.7% |
| 3 | सदतेश्वर सिंह | 12,80819.6% | |
| 4 | श्याम नारायण दुबे | 6,3879.8% | |
| 5 | लालू सिंह वाम दल | वाम दल | 4,6527.1% |
| 6 | विश्वनाथ सिंह IPF | IPF | 3,8735.9% |
| 7 | प्रभुजीत सिंह JKD | JKD | 2,7954.3% |
| 8 | जगदीश सिंह PBI | PBI | 2,4073.7% |
| 9 | जयराम तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 6471.0% |
| 10 | विदेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6000.9% |
| 11 | भगवती सिंह | 5170.8% | |
| 12 | राम दास त्यागी | 4230.7% | |
| 13 | अवधेश कुमार | 4180.6% | |
| 14 | बबन नारायण चौबे LKD(B) | LKD(B) | 3670.6% |
| 15 | गुलाम हुसैन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3350.5% |
| 16 | नरेन्द्र कुमार शुकल निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.5% |
| 17 | बसंत पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2900.4% |
| 18 | साधू मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 1920.3% |
| 19 | जंग बहादुर साव निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 63% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पांकी से कौन जीता, 1977–2000
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 45.5% से बढ़कर 48.6% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।