रजौलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
बनवारी राम (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 29.5% वोट पाकर रजौली सीट जीती और बाबू लाल (BJP) को 1,081 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 258 कोडरमा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 258 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
रजौली का फ़ैसला सिर्फ़ 1.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,081 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बनवारी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 24,99229.5% |
| 2 | बाबू लाल | 23,91128.3% | |
| 3 | रामानंद पासवान | 16,90520.0% | |
| 4 | राजाराम पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 8,49810.0% |
| 5 | मनोहर पासवान Lok Dal | Lok Dal | 7,6459.0% |
| 6 | मुसाफिर राम वाम दल | वाम दल | 1,7842.1% |
| 7 | अरविन्द कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4440.5% |
| 8 | सतीश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.2% |
| 9 | बासो राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.1% |
| 10 | नागेश्वर धोबी निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 11 | भागीरथ प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रजौली से कौन जीता, 1977–2000
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JNP(JP) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1980 के 55.4% से घटकर 53.4% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।