रजौलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
बनवारी राम (JNP(JP)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 32.8% वोट पाकर रजौली सीट जीती और बाबू लाल (BJP) को 2,173 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 258 कोडरमा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 258 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बनवारी राम 2.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बनवारी राम JNP(JP) | JNP(JP) | 25,64832.8% |
| 2 | बाबू लाल | 23,47530.0% | |
| 3 | केशव राम | 14,78218.9% | |
| 4 | मनोहर पासवान JNP(SC) | JNP(SC) | 11,20214.3% |
| 5 | भागीरथ मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2001.5% |
| 6 | कारू भुईयां निर्दलीय | निर्दलीय | 7491.0% |
| 7 | सूरज मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 3920.5% |
| 8 | चन्द्रिका राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3600.5% |
| 9 | सुखदेव राम JNP(SR) | JNP(SR) | 2780.4% |
| 10 | बैजनाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रजौली से कौन जीता, 1977–2000
JNP(JP) ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 56.4% से घटकर 55.4% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।