रजौलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
बाबू लाओ (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 38.2% वोट पाकर रजौली सीट जीती और बनवारी राम (INC) को 4,180 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 258 कोडरमा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 258 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बाबू लाओ 3.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बाबू लाओ | 52,12038.2% | |
| 2 | बनवारी राम | 47,94035.1% | |
| 3 | राजा राम पासवान राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 34,22925.1% |
| 4 | चन्द्रिका राज निर्दलीय | निर्दलीय | 8450.6% |
| 5 | किशुन रजक निर्दलीय | निर्दलीय | 7030.5% |
| 6 | नरेश कुमार | 2810.2% | |
| 7 | मुनि राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.1% |
| 8 | कैलाश रजवार निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.1% |
| 9 | राजिंद्र चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.01 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रजौली से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 53.4% से बढ़कर 69.7% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।