हाजीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
मोतीलाल सिन्हा कानन (SHD) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 40.0% वोट पाकर हाजीपुर सीट जीती और रामबाबू सिंह (INC) को 14,576 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 47 सोनपुर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 47 महनार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मोतीलाल सिन्हा कानन 22.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोतीलाल सिन्हा कानन SHD | SHD | 26,51740.0% |
| 2 | रामबाबू सिंह | 11,94118.0% | |
| 3 | ब्रह्मदेव सिंह | 11,58917.5% | |
| 4 | किशोरी प्रसन्न सिंह वाम दल | वाम दल | 9,96415.0% |
| 5 | बसावन सिंह | 2,4203.6% | |
| 6 | रामनारायण चौधरी | 1,6162.4% | |
| 7 | महावीर सिंह Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 9591.4% |
| 8 | कमलेश्वरी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5210.8% |
| 9 | सत्यनारायण सिंह PBI | PBI | 3650.6% |
| 10 | ब्रह्मदेव महतो BCP | BCP | 3390.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हाजीपुर से कौन जीता, 1967–1972
SHD ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 70.4% से घटकर 63.7% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट SOP ने जीती।