हाजीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
मोतीलाल सिन्हा कानन (SOP) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 54.9% वोट पाकर हाजीपुर सीट जीती और गोपिनाथ पटेल (INC) को 24,505 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 47 सोनपुर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 47 महनार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मोतीलाल सिन्हा कानन 31.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोतीलाल सिन्हा कानन | 42,55554.9% | |
| 2 | गोपिनाथ पटेल कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 18,05023.3% |
| 3 | द्वारकानाथ ठाकुर | 14,97619.3% | |
| 4 | प्रद्योमन प्रसाद सिंह महागठबंधन | महागठबंधन | 7781.0% |
| 5 | कमलेश्वर प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6980.9% |
| 6 | राजेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5340.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SOP, INC और NCO को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हाजीपुर से कौन जीता, 1967–1972
SOP ने यह सीट SHD से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह SOP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 63.7% से बढ़कर 70.0% हो गया।