मझगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
पूर्ण चन्द्र बिरुवा (निर्दलीय) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 65.2% वोट पाकर मझगांव सीट जीती और नारायण पत पिंगुवा (JAP) को 15,837 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में भी सीट नंबर 290 का नाम मझगांव था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 290 जुगसलाई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — पूर्ण चन्द्र बिरुवा 56.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पूर्ण चन्द्र बिरुवा निर्दलीय | निर्दलीय | 18,17665.2% |
| 2 | नारायण पत पिंगुवा JAP | JAP | 2,3398.4% |
| 3 | बुधन सिंह तामसोय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8856.8% |
| 4 | लेबिया मुंडुइया | 1,8726.7% | |
| 5 | विद्यासागर पिंगुवा | 1,0263.7% | |
| 6 | कंदर्प सिंकु Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 1,0233.7% |
| 7 | दुर्गा चरण बिरुवा PHJ | PHJ | 5532.0% |
| 8 | सुरेन्द्र नाथ बिरुवा निर्दलीय | निर्दलीय | 4541.6% |
| 9 | रघुनाथ बुरिउली निर्दलीय | निर्दलीय | 2951.1% |
| 10 | लाल सिंह अल्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 2681.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और JAP को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मझगांव से कौन जीता, 1967–1972
1967 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत 1967 के 24.1% से बढ़कर 30.8% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।