निरसाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
निर्मलेंदु भट्टाचार्य (CPI) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 41.4% वोट पाकर निरसा सीट जीती और ब्रज मोहन शर्मा (INC) को 6,250 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में भी सीट नंबर 279 का नाम निरसा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 279 बोकारो है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — निर्मलेंदु भट्टाचार्य 19.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | निर्मलेंदु भट्टाचार्य वाम दल | वाम दल | 13,38741.4% |
| 2 | ब्रज मोहन शर्मा | 7,13722.1% | |
| 3 | फनी भूषण भट्टाचार्य निर्दलीय | निर्दलीय | 5,09515.7% |
| 4 | राम रतन तिवारी JAP | JAP | 3,58811.1% |
| 5 | महेंद्र झा | 1,1193.5% | |
| 6 | मृगांक शेखर दत्त Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 1,0593.3% |
| 7 | चन्द्र दीप सिंह SHD | SHD | 4341.3% |
| 8 | देबेन बाउरी निर्दलीय | निर्दलीय | 4071.3% |
| 9 | वीरेन्द्र कुमार दे PBI | PBI | 1340.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.85 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
निरसा से कौन जीता, 1967–1972
CPI ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 36.6% से बढ़कर 39.9% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।