निरसाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
आर. एन. शर्मा (INC) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 32.3% वोट पाकर निरसा सीट जीती और एन. भट्टाचार्य (CPI) को 72 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में भी सीट नंबर 279 का नाम निरसा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 279 बोकारो है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
निरसा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 72 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आर. एन. शर्मा | 8,52932.3% | |
| 2 | एन. भट्टाचार्य वाम दल | वाम दल | 8,45732.0% |
| 3 | आर. आर. तिवारी JKD | JKD | 5,30020.1% |
| 4 | सी. पी. चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3308.8% |
| 5 | एम. मुर्मू Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 1,1344.3% |
| 6 | बी. एन. प्रसाद | 6572.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
निरसा से कौन जीता, 1967–1972
इसके बाद 1969 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।