आसिफाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
मुराजुला श्रीदेवी (TDP) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 39.4% वोट पाकर आसिफाबाद सीट जीती और उंडा मल्लेश (CPI) को 5,452 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 244 पेद्दापल्ली थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 244 राजमपेट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मुराजुला श्रीदेवी 4.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मुराजुला श्रीदेवी NDA | NDA | 45,81739.4% |
| 2 | उंडा मल्लेश | 40,36534.7% | |
| 3 | अंगमपेल्ली राजमल्लु TRS UPA | TRS UPA | 14,84712.8% |
| 4 | अति सुभद्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 8,0536.9% |
| 5 | उदिमडुगुला विजयालक्ष्मी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1902.7% |
| 6 | ओंडागोर्ला श्रीनिवास RPI(KH) | RPI(KH) | 2,6882.3% |
| 7 | म्बाला महेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4501.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आसिफाबाद से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने 1999 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.6% से घटकर 39.4% रह गया। यह 1983 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1999 के 64.5% से बढ़कर 68.5% हो गया।