आसिफाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
गुंडा मल्लेश (CPI) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 33.9% वोट पाकर आसिफाबाद सीट जीती और दासरी नरसय्या (INC) को 303 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 244 पेद्दापल्ली थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 244 राजमपेट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
आसिफाबाद का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 303 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुंडा मल्लेश वाम दल | वाम दल | 17,62333.9% |
| 2 | दासरी नरसय्या कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 17,32033.4% |
| 3 | एडिसिराला चंद्रशेखर निर्दलीय | निर्दलीय | 16,97932.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI, INC और एक निर्दलीय को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आसिफाबाद से कौन जीता, 1978–2004
CPI ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1978 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1978 के 51.4% से बढ़कर 55.1% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।