आसिफाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
डॉ. पति सुभद्रा (TDP) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 46.6% वोट पाकर आसिफाबाद सीट जीती और दासरी नरसय्या (INC) को 11,393 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 244 पेद्दापल्ली थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 244 राजमपेट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. पति सुभद्रा NDA | NDA | 50,34146.6% |
| 2 | दासरी नरसय्या | 38,94836.1% | |
| 3 | गुंडा मल्लेश | 16,16115.0% | |
| 4 | रेगुंटा केशव MCPI(S) | MCPI(S) | 1,0951.0% |
| 5 | गोगर्ला कोमरेश | 8790.8% | |
| 6 | दुर्गम शाम राव निर्दलीय | निर्दलीय | 3440.3% |
| 7 | सिरिकोंडा सांबय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP, INC और CPI को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.70 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आसिफाबाद से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1994 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह TDP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1994 के 63.8% से बढ़कर 64.5% हो गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में भी TDP ने यह सीट अपने पास रखी।