आसिफनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
मोहम्मद विज़ारत रसूल खान (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 52.5% वोट पाकर आसिफनगर सीट जीती और एम. श्रीधर रेड्डी (TDP) को 12,333 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 213 चारमीनार थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 213 गुंटूर पश्चिम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मोहम्मद विज़ारत रसूल खान 18.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद विज़ारत रसूल खान निर्दलीय | निर्दलीय | 34,64652.5% |
| 2 | एम. श्रीधर रेड्डी Telugu Desam Party | Telugu Desam Party | 22,31333.8% |
| 3 | सआदत जहाँ रज़वी | 7,10310.8% | |
| 4 | बी. रघुनाथम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4022.1% |
| 5 | सी. अमरनाथम निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.2% |
| 6 | अफसर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1420.2% |
| 7 | शेक इब्राहीम निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 8 | सरदार जगत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 9 | एस.क्यू. कमर अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 10 | एम. ए. नरमल हक निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, TDP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आसिफनगर से कौन जीता, 1978–2004
1983 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत 1983 के 54.1% से बढ़कर 59.0% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट MIM ने जीती।