आसिफनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
डी. नागेन्द्र (INC) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 42.9% वोट पाकर आसिफनगर सीट जीती और मोहम्मद विरासत रसूल खान (AIMIM) को 20,720 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 213 चारमीनार थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 213 गुंटूर पश्चिम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — डी. नागेन्द्र 20.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डी. नागेन्द्र | 42,82242.9% | |
| 2 | मोहम्मद विरासत रसूल खान | 22,10222.1% | |
| 3 | काट्रगड्डा प्रसूना | 20,67020.7% | |
| 4 | डॉ. मोहम्मद विज़ारत रसूल खान MBT | MBT | 12,17812.2% |
| 5 | आर. मिनाई NTRTDP(LP) | NTRTDP(LP) | 6240.6% |
| 6 | बीजू फिलिप्स निर्दलीय | निर्दलीय | 4300.4% |
| 7 | मोहम्मद सलीम निर्दलीय | निर्दलीय | 3580.4% |
| 8 | एन. कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 3400.3% |
| 9 | जी. नरहरि | 2830.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.44 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आसिफनगर से कौन जीता, 1978–2004
INC ने 1994 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 28.3% से बढ़कर 42.9% हो गया। यह 1983 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1994 के 50.8% से बढ़कर 53.5% हो गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट TDP ने जीती।