कालीगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
धनंजय मोदक (RSP) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 36.7% वोट पाकर कालीगंज सीट जीती और अब्दुस सलाम मुन्शी (AITC) को 12,522 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 72 हांसखाली थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 72 बहरामपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | धनंजय मोदक वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 44,32836.7% |
| 2 | अब्दुस सलाम मुन्शी | 31,80626.3% | |
| 3 | उर्मिबाला मुखर्जी | 30,69625.4% | |
| 4 | जफरुल्ला मोल्ला | 6,6195.5% | |
| 5 | हररोज अली शेख निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4672.9% |
| 6 | कृष्ण प्रामानिक CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 2,1461.8% |
| 7 | मीर फकीर मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7511.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.66 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कालीगंज से कौन जीता, 1977–2006
RSP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; RSP ने यहाँ पिछली बार 1982 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1996 के 76.2% से घटकर 74.9% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी RSP ने यह सीट अपने पास रखी।