कालीगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
अब्दुस सलाम मुन्शी (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 37.1% वोट पाकर कालीगंज सीट जीती और घोष देब सरन (RSP) को 3,778 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 72 हांसखाली थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 72 बहरामपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अब्दुस सलाम मुन्शी 3.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अब्दुस सलाम मुन्शी | 39,24537.1% | |
| 2 | घोष देब सरन वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 35,46733.6% |
| 3 | सुबल चन्द्र सरकार | 25,52724.1% | |
| 4 | कृष्ण पद प्रामानिक IPF | IPF | 2,1582.0% |
| 5 | हररोत अली शेख निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7571.7% |
| 6 | मंडल नूर होसेन JP | JP | 8370.8% |
| 7 | मोल्ला हबीबुर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 3540.3% |
| 8 | शंकर कुमार दत्त | 3420.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कालीगंज से कौन जीता, 1977–2006
INC ने 1987 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 47.7% से घटकर 37.1% रह गया। मतदान प्रतिशत लगभग 1987 जितना ही रहा: 76.9%। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।