बिनपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
शंभू नाथ मान्डि (CPM) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 47.1% वोट पाकर बिनपुर सीट जीती और चुनीबाला हाँसदा (निर्दलीय) को 9,452 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 232 रायपुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 232 चंद्रकोना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शंभू नाथ मान्डि वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 47,13247.1% |
| 2 | चुनीबाला हाँसदा निर्दलीय | निर्दलीय | 37,68037.6% |
| 3 | बाबूराम टुडू निर्दलीय | निर्दलीय | 9,0219.0% |
| 4 | सिंह सहदेव | 2,7402.7% | |
| 5 | समय किस्कू निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3082.3% |
| 6 | बैद्यनाथ टुडू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2601.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, एक निर्दलीय और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.68 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिनपुर से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने यह सीट JKP(N) से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; CPM ने यहाँ पिछली बार 1987 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1996 के 80.5% से घटकर 70.6% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट JKP(N) ने जीती।