बिनपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
नरेन हाँसदा (JKP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 58.1% वोट पाकर बिनपुर सीट जीती और दुर्गा टुडू (CPM) को 18,995 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 232 रायपुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 232 चंद्रकोना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नरेन हाँसदा 20.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नरेन हाँसदा JKP | JKP | 53,14758.1% |
| 2 | दुर्गा टुडू वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 34,15237.3% |
| 3 | रणबीर सिंह | 1,8252.0% | |
| 4 | माणिक चन्द मान्डि निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6511.8% |
| 5 | गौर मुरा निर्दलीय | निर्दलीय | 3780.4% |
| 6 | काली राम हेम राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.3% |
| 7 | बिभापति हाँसदा निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JKP और CPM को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिनपुर से कौन जीता, 1977–2006
JKP ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JKP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1987 के 67.8% से बढ़कर 72.2% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट JKP(N) ने जीती।