गोपीबल्लभपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
भवानी शंकर हतियाल (CPM) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 60.2% वोट पाकर गोपीबल्लभपुर सीट जीती और समय मान्डि (AITC) को 39,120 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 230 हुड़ा थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 230 दासपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — भवानी शंकर हतियाल 34.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भवानी शंकर हतियाल वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 67,73860.2% |
| 2 | समय मान्डि | 28,61825.4% | |
| 3 | संतोष राणा निर्दलीय | निर्दलीय | 9,4308.4% |
| 4 | सुधांशु घोराई | 5,5264.9% | |
| 5 | मलिन महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1571.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और AITC को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोपीबल्लभपुर से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने यहाँ लगातार पाँचवीं बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1982 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 63.2% से घटकर 60.2% रह गया। मतदान प्रतिशत 1996 के 86.5% से घटकर 78.7% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।