पश्चिम बंगाल 1991 के नक्शे पर वापस जाएँ
पश्चिम बंगाल · विधान सभा सीट नंबर 230

गोपीबल्लभपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991

अतुल चन्द्र दास (CPM) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 62.1% वोट पाकर गोपीबल्लभपुर सीट जीती और प्रसून सरंगि (INC) को 39,224 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 230 हुड़ा थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 230 दासपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

अतुल चन्द्र दास
CPM· वाम मोर्चा
CPM 62.1%INC 22.2%5 अन्य 15.7%
मिले वोट
60,990
मतों का 62.1%
जीत का अंतर
39,224
कुल वोटों का 40.0%
उम्मीदवार
7
मतदान प्रतिशत
78.4%
1,25,249 मतदाताओं में से

सुरक्षित अंतर से जीत — अतुल चन्द्र दास 40.0% से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

7 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
अतुल चन्द्र दास
वाम मोर्चा
वाम मोर्चा
60,99062.1%
2
प्रसून सरंगि
21,76622.2%
3
आनिरुद्ध घोराई
CPI(ML)
CPI(ML)
11,11511.3%
4
खगेंद्र नाथ मिश्र
2,0472.1%
5
सुनील महतो
निर्दलीय
निर्दलीय
1,5321.6%
6
सुरेन्द्र नाथ महतो
निर्दलीय
निर्दलीय
3970.4%
7
मदन साव
निर्दलीय
निर्दलीय
2930.3%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
40.0%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
78%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
असल में दो दल

CPM और INC को 84% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.23

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
294 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 148

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
62.1%CPM की जीत
CPM 62.1%INC 22.2%CPI(ML) 11.3%अन्य 4.3%

यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

गोपीबल्लभपुर से कौन जीता, 1977–2006

CPM ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1982 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 57.4% से बढ़कर 62.1% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत लगभग 1987 जितना ही रहा: 78.4%। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।

  1. 1977संतोष राणा (IND), जीत का अंतर 3.2%
  2. 1982दे सुनील (CPM), जीत का अंतर 23.8%
  3. 1987दे सुनील (CPM), जीत का अंतर 21.7%
  4. 1991अतुल चन्द्र दास (CPM), जीत का अंतर 40.0%
  5. 1996राणा सकती (CPM), जीत का अंतर 45.5%
  6. 2001भवानी शंकर हतियाल (CPM), जीत का अंतर 34.8%
  7. 2006रवि लाल मैत्र (CPM), जीत का अंतर 41.3%