उलुबेड़िया दक्षिणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
रबीन्द्र घोष (FBL) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 50.8% वोट पाकर उलुबेड़िया दक्षिण सीट जीती और बानी कुमार सिंघा (AITC) को 12,522 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 171 चांपदानी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 171 हावड़ा मध्य है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रबीन्द्र घोष वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 60,87850.8% |
| 2 | बानी कुमार सिंघा | 48,35640.4% | |
| 3 | समीर हाइत | 6,1955.2% | |
| 4 | जकारिया मोल्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3691.1% |
| 5 | अबुल कासेम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3421.1% |
| 6 | अप्ताब अहमेद सेख PDS | PDS | 1,1941.0% |
| 7 | गजेन्द्र मंडल AMB | AMB | 4000.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
FBL, AITC और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.35 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उलुबेड़िया दक्षिण से कौन जीता, 1977–2006
FBL ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.8% से बढ़कर 50.8% हो गया। मतदान प्रतिशत 1996 के 76.0% से घटकर 72.0% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट AIFB ने जीती।